अनजान से सावधानी बरतें – Panchatantra Stories In Hindi

पुराने जमाने की बात है एक बुढ़िया पैदल यात्रा कर रही थी चलते चलते वह थक गई उड़ती बैठती वह अपनी यात्रा पर चलती रहेगी तभी दूर पीछे से उसे कोई घुड़सवार आता दिखाई दिया गुड़िया सोचने लगी,

अनजान से सावधानी बरतें – Panchatantra Stories In Hindi

“यदि यह घुड़सवार मेरी गठरी घोड़े पर रख कर ले जाए और अगले पड़ाव पर छोड़ दे तो उसको काफी मदद मिल जाएगी”

Panchatantra Stories In Hindi अनजान से सावधानी बरतें

जब वह घुड़सवार उस बुधिया के पास आया तो उसी आशा से उसने घुड़सवार से कहा, “भैया तू मेरी यह गठरी अपने घोड़े पर रख लें और आगे जो पडाव आएगा वहां रख जाना, मैं वहां से ले लूंगी। तेरी बड़ी मेहरबानी होगी मैं बहुत थक गई हूं बोझ अब भारी लगने लगा है।”

घुड़सवार ने गठरी उठाने के बजाय बुढ़िया की खिल्ली उड़ाते हुए कहा “वाह री महारानी तेरी गठड़ी ले जाऊं? जा जा अपनी राह चल”।

यो कहकर घुड़सवार आगे बढ़ गया लाचार बुढ़िया अपनी गठरी उठाते हुए चलती रही आगे चलकर घुड़सवार को ध्यान आया कि उसने बुढ़िया की गठरी ना लेकर बड़ी भूल की वह सोचने लगा कि यदि मैं बुढ़िया से गठरी ले लेता और आगे के पड़ाव पर ना रख कर सीधा अपनी राह चला जाता तो कौन मुझे रोकने वाला था और कौन पूछने वाला था हो सकता है बुढ़िया की गठरी में सोना चांदी हो यह ध्यान आते ही वह रुक गया।

उधर चलते चलते बुढ़िया को ध्यान आया और उसे भी अपनी गलती अनुभव हुई वह सोचने लगी कि वह भी कैसी भोली है जो अनजान व्यक्ति पर विश्वास कर बैठी यदि वह अगले पड़ाव पर गठरी ना देकर सीधा चलता बनता तो मैं उसका क्या बिगड़ सकती थी।

इन्हीं विचारों में बुढ़िया जा रही थी कि आगे उसे वही घुड़सवार बैठा दिखाई दिया बुढ़िया ने सोचा बैठा होगा विश्राम करने के लिए उसने उसको और ध्यान नहीं दिया और वह अपनी राह चलती बनी।

बुढ़िया को यूं आगे निकली देखकर घुड़सवार को चिंता हुई उसने तो सोचा था कि इस बार भी बुढ़िया फिर गीड गीडआएगी जब बुढ़िया ने उस और ध्यान ही नहीं दिया तो वह घुड़सवार बोला “अम्मा! ला तेरी गठरी मैं ले चलता हूं। पहले मैं समझ ही नहीं पाया कि इसमें मेरा क्या हर्ज है मुझे अपने कंधे पर तो ले नहीं जानी है?

बुढ़िया बोली नहीं बेटा वह बात तो अब बीत गई जो तेरे मन में कह गया वह चुपके से मेरे कान में भी कह गया है तू अपनी राह चल मैं तो धीरे-धीरे जिस किसी तरह पहुंची जाऊंगी।

घुड़सवार अपना सा मुंह लेकर आगे बढ़ गया।

शिक्षा अनजान आदमी पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए ऐसा करने से कभी भी धोखा हो सकता है।

Leave a Comment

%d bloggers like this: