हिम्मती का ईश्वर साथी – stories for kids in hindi

एक बार एक सियार ने किसी को कहते हुए यह सब सुन लिया कि “हिम्मते मर्दा मदद ए खुदा’ इसने इसे अपना आदर्श बना लिया और हर बात में यह अपनी स्त्री सियारिन से कह दिया करता था कि हिम्मते मर्दा मदद ए खुदा। अर्थात हिम्मत ही पुरुष की मदद ईश्वर करता है। हिम्मती का … Read more हिम्मती का ईश्वर साथी – stories for kids in hindi

अनजान से सावधानी बरतें – Panchatantra Stories In Hindi

पुराने जमाने की बात है एक बुढ़िया पैदल यात्रा कर रही थी चलते चलते वह थक गई उड़ती बैठती वह अपनी यात्रा पर चलती रहेगी तभी दूर पीछे से उसे कोई घुड़सवार आता दिखाई दिया गुड़िया सोचने लगी, अनजान से सावधानी बरतें – Panchatantra Stories In Hindi “यदि यह घुड़सवार मेरी गठरी घोड़े पर रख … Read more अनजान से सावधानी बरतें – Panchatantra Stories In Hindi

इकलौता पुत्र । Moral Stories In Hindi । Hindi Moral Stories

Moral Stories In Hindi । Hindi Moral Stories मधु प्रत्येक प्रकार से अपने नाम को सार्थक करती है । देखने में इतनी सुन्दर है कि लोग कहते हैं कि विधाता ने मधु को स्वयं सुन्दरता की प्रतिमा बनाया है। मधु के गुणों की सुगन्ध सारे सुन्दर“नगर में फेली हुई है। मधु अपने पति प्रीतपालसिंह के … Read more इकलौता पुत्र । Moral Stories In Hindi । Hindi Moral Stories

विद्यार्थी और साहस hindi stories

moral stories in hindi । साहस और धैर्य का महत्व । desikahani । साहस पर किड्स स्टोरी । साहस भरी कहानी । साहसी व्यक्ति की कहानी । साहस और धैर्य का जीवन में महत्व । साहस विषय पर कहानी । Http साहसी कहानिया । साहस पर कहानी । Sahas bhari Kahani । किसी बहादुर बालक … Read more विद्यार्थी और साहस hindi stories

एकता, सहयोग और पृरुषार्थ का फल Ekta Ki Shakti Short Story In Hindi

Ekta Mein Bal Story In Hindi With Moral एक गाँव में एक निर्धन ब्राह्मण रहता था। समय निकलता गया तो उस व्यक्ति का परिवार तो बढ़ता गया, किन्तु उसके साथ ही निर्धनता भी बढ़ती गई। उस गाँव में जब उसकी आजीविकाके लिए कुछ नहीं रहा तो उसने सोचा कि अब कुछ और उपाय करना चाहिए। … Read more एकता, सहयोग और पृरुषार्थ का फल Ekta Ki Shakti Short Story In Hindi

आपसी झगड़े में तीसरा पंच – शिक्षाप्रद कहानी

नैतिक शिक्षाप्रद कहानियाँ पुत्रक नाम का एक व्यक्ति जंगल में घूम रहा था। घूमते-घूमते उसने एक स्थान पर दो पुरुषों को लड़ते हुए देखा। पुत्रक ने उनसे लड़ने का कारण पूछा तो वे बोले-“हम मायासुर के पुत्र हैं ओर. अपने पिता की सम्पत्ति के लिए लड॒ रहे हैं। जो हममें से विजयी होगा, वही उस … Read more आपसी झगड़े में तीसरा पंच – शिक्षाप्रद कहानी