चालाक मित्र से बचें Dhokebaaz Mitra Kahani In Hindi

Dhokebaaz Mitra Kahani In Hindi

किसी वन में एक ऊँट और गीदड साथ-साथ रहते थे। गीदड़ ने ऊँट से कहा, कि आओ मित्र खेती करें। ऊँट ने कहा, बहुत अच्छा। फिर दोनों ने मिलकर ईख की खेती की। जब खेत पक कर तैयार हो गया तब ऊँट से गीदड बोला,

अच्छा अब बटाई कर लो। ऊँट बोला, तुम ही बाँट दो, जो दे दोगे वह ले-लूँगा। गीदड़ ने कहा कि हम जड़ लिए लेते हैं और तुम ऊपर का भाग ले लो, क्योंकि तुम बडे हो, बस अगोले ऊँट को देकर गन्ने गीदड़ ने ले लिए।

अगले वर्ष फिर खेती की ठहरी और गेहूँ बोए। जब बाँट का वक्त आया। तब गीदड बोला लो भाई पहिले हमने नीचे का भाग ले लिया था, इस बार आप को दिए देते हैं।

गीदड़ ने ऊंट को भूसा देकर आप गेहूँ ले लिये। ऊँट अपने सीधे स्वभाव से दोनों बार घाटे में रहा। गीदड़ ने चाल से दोनों बार नफा उठाया।

शिक्षा-चालाक आदमी से दोस्ती करने पर सदा नुकसान रहता है।

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