शेर और बहादुर शिकारी की कहानी

बहादुर शिकारी और शेर shikari ki kahaniya in hindi

वाल्मीकि नगर में शशि भूषण नामक एक व्यक्ति ठेकेदारी का काम करता था उसकी आयु 35 36 वर्ष की थी वह नाटे कद का और सामने रंग का था चेहरा गोल और सिर पर अदरक के बाल उसके आगे के दांत पत्थर के बने हुए थे उसे देखकर एकाएक ही यह अनुमान करना कठिन था कि यह व्यक्ति साहसी और हिम्मतवाला शिकारी हो सकता है।

वाल्मीकि नगर के पास ही घना जंगल है यहां शेर चीते भालू सूअर आदि भयंकर पशुओं का निवास है आए दिन सुनने में आता है कि शेर ने अमुक की गाय मार डाली और चीता अमुक व्यक्ति के छोटे लड़के को पकड़ कर ले गया।

उन दिनों नगर में नहर का निर्माण कार्य चल रहा था नहर उक्त 1 से गुजरती है दिन में तो मजदूरों की बोलचाल और कोलाहल रहता था पर रात को इस बीहड़ वन में वनराज का राज्य होता था वह प्रत्येक रात्रि को गश्त लगाते मानो देखते कि कहां क्या हो रहा है ऐसे समय यदि कोई भूला भटका जीव उनकी निगाह में पड़ जाता तो वनराज उसे सांसारिक कष्टों से मुक्त करने में देर नहीं करते थे राजा का उत्तरदायित्व अपनी प्रजा के कष्टों को दूर करना ही तो होता है।

नहर निर्माण में संथाली मजदूर लगे हुए थे यह बहुत परिश्रमी होते हैं मजदूरों का डेरा जंगल से थोड़ी दूर था सूखी डालो वह हरे पत्तों के छप्पर से उनके घर बने थे जिनमें घास का बिछौना बिछा रहता था थोड़े दिन रहते ही वे अपने काम से लौट आते थे रात को अलाव जलाकर अपनी रक्षा करते थे।

एक काली रात की बात है वे लोग अभी जाग ही रहे थे कि शेर की दहाड़ से सारा वन गूंज उठा। अलाव के मंद प्रकाश में वे एक दूसरे के और करीब सट कर बैठ गए उनका हृदय घबराहट के कारण तेजी से धड़क रहा था सभी चुप्पी साधे थे हवा के चलने से वृक्षों के पत्तों की खरखड़ा ने की आवाज ही सुनाई पड़ती थी।

तभी शेर की आवाज भी सुनाई दी कुछ ही क्षण बाद शेर की दहाड़ से अलग एक दूसरी आवाज आई यह सूअर की गृहस्थी मानो ललकार कर वह शेर की चुनौती को स्वीकार कर रहा हो फिर दोनों आवाजें जल्दी-जल्दी और एक दूसरे के करीब आती प्रतीत हुई उनकी भयंकर ता से सारा जंगल से सेहेम उठा।

अब दोनों आवाज एक उत्तम गुस्सा हो गई मालूम पड़ता था कि वे दोनों एक दूसरे से भिड़ रहे थे थोड़ी देर बाद सब कुछ शांत हो गया यह तूफान के बाद का सन्नाटा था कहीं कोई आवाज नहीं हवा ठहर गई थी।

सुबह काम पर पहुंचकर मजदूरों ने देखा कि जहां पर एक दिन पहले मिट्टी काटी गई थी वहां एक जवान सूअर उल्टा मुंह किए सदा के लिए सोया पड़ा था उसके शरीर पर कई जगहों पर घाव के निशान थे उसकी काम खून से सनी हुई थी।

इस घटना की सूचना एक मजदूर ने शशि भूषण को दी वह फौरन ही घटनास्थल पर जा पहुंचा स्थिति को देखकर उसने वहां एकत्र संथाली मजदूरों को मना कर दिया कि वे शुगर को ऐसे ही पड़ा रहने दे।

शेर की आतंक से मजदूरों को मुक्ति दिलाने की युक्ति सोची गई सूअर की लाश से 15 16 मीटर की दूरी पर एक गड्ढा खोदा गया उस पर तिनकों का घास फूस का छप्पर बनाया गया सारी व्यवस्था ठीक करने पर शशिभूषण घर लौट आया अब उसे दूसरी चिंता थी उसके पास एक नाली बंदूक ही थी जिसके भरोसे शेर का सामना खतरे से खाली ना था पर और कोई चारा ना था आता है उसने अपनी इकलौती एक नाली के भरोसे ही शेर का सामना करने का निश्चय कर लिया।

शाम होने लगी अंधेरा होने से पहले ही शशिभूषण अपने एक मित्र को लेकर निश्चित स्थान पर जा पहुंचा उसके पास वही बंदूक 14 और कुछ कारतूस 5:00 बजे के लगभग दोनों मित्र गड्ढे में जा बैठे थोड़ी ही देर में अंधेरा छा गया कभी-कभी किसी जानवर के बोलने की आवाज सुनाई दे जाती थी यह लोग दम साधे बैठे हुए थे रात गहरा गई अभी ऐसा लगा कि कोई छोटा पशु जंगल की ओर भागता चला गया इसके कुछ ही मिनट बाद एक ग्राहक सुनाई दी और सूखी घास पर से चलता हुआ कोई प्राणी नहर की गोद में उतर आया।

जहां यह लोग बैठे थे वहीं ऐसा लगा कि अचानक एक भूकंप आ गया हो शेर ने गड्ढे के ऊपर से छलांग लगाई और सुअर की लाश पर जा पहुंचा पर यह क्या लाश के पास है अभी खड़ा हुआ था कि उसे मानव गंद महसूस हुई।

वह गर्दन उठाकर सावधान हो गया और गड्ढे की और कुछ सुनने लगा फिर उसने गर्दन हिलाई जैसे सब कुछ हार गया हो लाश को वहां छोड़कर गड्ढे की और बढ़ा।

दोनों मित्रों के छक्के छूट गए जाड़े की रात में भी उन्हें पसीना छूट रहा था और दिल की धड़कन छोकनी की गति से होड़ ले रही थी।

शशि भूषण का शेर का सामना करने का यह पहला अवसर था सामने साक्षात मृत्यु के अवतार को देखकर क्षण भर को तो होश हवास ही को बैठा किंतु एक पल का विलोम मौत को निमंत्रित कर सकता था उसने निर्णय लिया और फौरन मित्र को इशारे करके टॉर्च जलाने को कहा टॉर्च के जलते ही बंदूक से गोली चली गोली की आवाज अंधेरे में गूंज उठी गोली शेर की छाती में लगी दहला देने वाली भीषण दहाड़ मारकर शेर उछला और पेड़ से टकराकर वहीं ढेर हो गया।

दोस्तों ये shikari और sher ki kahani आपको कैसी लगी कमेंट में बताइये

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