पर्वतारोही आहलुवालिया की आत्मा कहानी

मेरा बचपन शिमला में बीता मेरे पिताजी इंजीनियर थे मेरे दादाजी भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर रह चुके थे। मेरे परदादा घुड़सवार सेना में थे मेरे बचपन के दिनों में वे जीवित हैं लेकिन रिटायर हो चुके थे उन्हें वीरता के कारण कई पुरस्कार मिले थे। पहाड़ों से मेरा प्रेम शिमला से ही … Read more पर्वतारोही आहलुवालिया की आत्मा कहानी